MLM industry यानी कि नेटवर्क मार्केटिंग आज ना सिर्फ इंडिया में बल्कि पूरे विश्व में नेटवर्क मार्केटिंग की होड़ लगी हुई है ।नेटवर्क मार्केटिंग बिजनेस खराब नहीं है इसे खराब करते हैं कुछ ऐसे लोग जो इस में सफल नहीं हो सके और बाहर जाकर इसकी इतनी निंदा करते हैं इतनी निंदा करते हैं कि इससे बुरा इंडस्ट्री शायद दुनिया में कोई और है ही नहीं लेकिन दोस्तों इसमें चैन आपको करना होगा कि कौन सी कंपनी आपके लिए सही है और कौन सी गलत है ऐसी कोई भी कंपनी है जिसमें प्रोडक्ट सेलिंग होती हो रि परचेसिंग का काम होता है समझे वाह इंडस्ट्री अच्छा है इसके बजाय जहां सिर्फ पैसों की बात होती है मनी रोलिंग का काम होता है समझे वाह इंडस्ट्री अच्छा नहीं है एक न एक दिन वह भाग जाएगी और आपका मेहनत बेकार चला जायेगा इसलिए मैं advise दूंगा आपको ऐसे MLM को चुने जिससे आपके सारे सपने सच में पूरे हो सके और लाइफ टाइम तक इनकम होता रहे ऐसी बहुत सी कंपनी है जैसे वेस्टीज एमवे मोदी केयर आदि ऐसी कंपनी है वेस्टीज आज ना केवल भारत में बल्कि तीन और देशो में अपना झंडा लहरा चुका है मात्र 14 साल में इसकी इनकम और इसका प्लान इतना अच्छा है कि हजारों लोग ईशमे ज्वाइन हो रहे हैं खास बात यह है कि वेस्टीज में जॉइनिंग फ्री है 200 से 300 लगभग प्रोडक्ट है इसमें आपकी जरूरत के हर सामान मौजूद है आप जो चाहे सामान खरीद कर इसमें ज्वाइन हो सकते हैं ना इस में रेनुअल के नाम पर कोई पैसा लिया जाता है और ना ही किसी और पुकार का। यह जनरेशन प्लान पर काम करता है ना इसमें किसी के भाग जाने या छोड़ जाने के डर होते हैं और न ही कीसी प्रकार का रिस्क सिर्फ अपनी मेहनत के दम पर पैसे कमाए जाते हैं आज वेस्टीज के पास हजारों ऐसे लोग हैं जिनकी मंथली इनकम लाखों रुपए से अधिक है और लाखों ऐसे लोग हैं जिनकी income हजार रुपए से अधिक है सैकड़ों ऐसे लोग हैं जिनके पास वेस्टीज की लग्जरी कारें आ चुकी है वेस्टीज आज इंडिया के लोगों के लिए एक वरदान स्वरुप है अगर आप चाहें तो इस में आसानी से ज्वाइन कर सकते हैं Sampark Sutra 9111909785
" अनोखा कुआं " पढ़ें/ फुर्सत के क्षणों में --🙏🙏 एक बार राजा भोज के दरबार में एक सवाल उठा कि ' ऐसा कौन सा कुआं है जिसमें गिरने के बाद आदमी बाहर नहीं निकल पाता?' इस प्रश्न का उत्तर कोई नहीं दे पाया। आखिर में राजा भोज ने राज पंडित से कहा कि इस प्रश्न का उत्तर सात दिनों के अंदर लेकर आओ, वरना आपको अभी तक जो इनाम धन आदि दिया गया है,वापस ले लिए जायेंगे तथा इस नगरी को छोड़कर दूसरी जगह जाना होगा। छः दिन बीत चुके थे।राज पंडित को जबाव नहीं मिला था।निराश होकर वह जंगल की तरफ गया। वहां उसकी भेंट एक गड़रिए से हुई। गड़रिए ने पूछा -" आप तो राजपंडित हैं, राजा के दुलारे हो फिर चेहरे पर इतनी उदासी क्यों? यह गड़रिया मेरा क्या मार्गदर्शन करेगा?सोचकर पंडित ने कुछ नहीं कहा।इसपर गडरिए ने पुनः उदासी का कारण पूछते हुए कहा -" पंडित जी हम भी सत्संगी हैं,हो सकता है आपके प्रश्न का जवाब मेरे पास हो, अतः नि:संकोच कहिए।" राज पंडित ने प्रश्न बता दिया और कहा कि अगर कलतक प्रश्न का जवाब...
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें